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Navbharattimes.indiatimes.com. संगरूर पंजाब के संगरूर जिले के इंदरपाल (34) और कमलप्रीत सिंह (25) ने एक ऐसा कारनामा किया, जिस पर हर किसी को फख्र हो। इन दोनों ने अपने गांव में गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने जा रहे आठ लड़कों को डूबने से बचाया और इसके लिए जरूरत पड़ने पर अपनी पगड़ी भी उतार दी। इंदर और कमल के गांव के लड़के गांव के नजदीक ही प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे थे, जहां उनके डूबने की नौबत आ गई थी।

इंदर और कमल के इस बहादुरी भरे कारनामे को सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिली और लोगों ने इनके विडियो को खूब शेयर किया। यह वाकया शुक्रवार को हुआ, लेकिन इसका विडियो मंगलवार को इंटरनेट पर वायरल हुआ। सिख धर्मों की परंपराएं सिखों को उनकी पगड़ी उतारने की अनुमति नहीं देती हैं। जो लोग गणेश विसर्जन के लिए जा रहे थे, इंदर और कमल भी उनके समूह में ही थे। इंदरपाल ने बताया, 'मूर्ति को विसर्जित करते समय पहले तो पांच लड़के नहर में फिसल गए।

इंदरपाल बताते हैं, 'इसके बाद मैंने अपनी नौ मीटर लंबी पगड़ी नहर में फेंकी, जिसे पकड़ कर उन तीन लोगों को बाहर निकाला जा सका। Raul Brindis. सोशल मस्तीः हंसी की डेली खुराक :P. 14 Oct, 2015 , 03.10PM ISTसोशल मस्तीः हंसी की डेली खुराक DISCLAIMER: हम आपके लिए लाए हैं ऐसा मज़ेदार कॉन्टेंट जो दुनिया भर में सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। हमारा मकसद यही है कि आप इसे पढ़ें और आनंद लें। इस पेज पर प्रकाशित किसी भी टिप्पणी का यह अर्थ न लिया जाए कि नवभारत टाइम्स उससे सहमत या असहमत है। डिसक्लेमरः यह पोस्ट सोशल साइट्स पर की गईं टिप्पणियों पर आधारित है। ये नवभारत टाइम्स के विचार नहीं हैं। 1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. ...तो मत जाना कुंभ में।

8. डिसक्लेमरःडिस्क्लेमर: यह पोस्ट सोशल साइट्स पर की गईं टिप्पणियों पर आधारित है। अपने बारे में बताएं आपके कॉमेंट थोड़ी देर बाद अपने-आप साइट पर लाइव हो जाएंगे। शुक्रिया अपना कॉमेंट देने के लिये धन्यवाद. वेरिफिकेशन के लिए आपको एक ईमेल भेजी गई है। Indiatimes. 45 साल बाद फूलों की घाटी का यह रास्ता खुलेगा देहरादून45 वर्षों से ग्लेशियर में दबे फूलों की घाटी कुंठखाल हनुमान चट्टी पैदल ट्रैक को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने सुधार लिया है । अगले साल यह पार्क के नक्शे से जुड़ जाएगा। पार्क प्रशासन ने इस पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर करीब एक मीटर चौड़ा पैदल ट्रैक बनाया है। 1970 के बाद से यह ट्रैक बंद पड़ा था। यह ट्रैक पूर्व में ब्रिटिश अफसरों की पहली पसंद हुआ करता था। पर्वत श्रृंखलाओं के बीच से गुजरने वाला यह ट्रैक 25 किलोमीटर का है। पर्यटकों को ट्रैक पार करने में 17 घंटे लगते हैं। कुंठखाल में रात्रि विश्राम करने के बाद 14 किमी ढलान वाला मार्ग है जो बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान चट्टी पहुंचाता है। इसके बाद फूलों की घाटी के मध्य भाग से कुंठखाल के लिए पगडंडीनुमा रास्ता जाता है, जो कई पर्वत श्रृंखलाओं के बीच से होकर हनुमानचट्टी निकलता है।

Emad Hajjaj (Abu mahjoob) Hashem Al-Ghaili. FM 98.1. जानें, किसानों की गुप-चुप तरीके से कितनी मदद की अक्षय कुमार ने महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसानों और उनके परिवार वालों को 90 लाख की मदद करने का फैसला करने वाले अक्षय कुमार का कहना है कि वह इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहते। हाल ही में खबर आई थी कि बॉलिवुड स्टार नाना पाटेकर भी सूखे से त्रस्त किसानों और आत्महत्या कर चुके किसान के परिवार वालों की मदद के लिए आगे आए थे और उनकी आर्थिक मदद की। मराठवाड़ा के कई इलाकों में स्थिति काफी भयावह है। सदी की इस सबसे खराब सूखे की स्थिति ने किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया है। पानी की किल्लत से जूझ रहे किसान लगातार अपनी जान दे रहे हैं। 'सिंह इज़ किंग' के ऐक्टर अक्षय उन 180 किसानों के परिवार वालों को आर्थिक मदद करने का फैसला किया है, जिन्होंने सूखे से परेशान होकर अपनी जान दे दी है।

जब उनसे उनके इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहते। वैसे, इस विषय पर बात करना उन्हें बेवकूफी ही लगता है। अक्षय ने व्यंग्य भरे लहजे में कहा, 'आप क्या चाहते हैं कि मैं यह कहूं कि एक दिन मैंने इस बारे में सोचा और अखबार में पढ़ा, मुझे बहुत बुरा लगा। Laughing Colours. IAS. Indiatimes. Start Advertising on Facebook.