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Tarotgyan is a portal for delivering the tarot services across the world by Famous Tarot Reader “ Dr. Himani Jolly”. She is renowned tarot reader & having 15 years of successful reading experience. She also spreads this auspicious knowledge across the world by providing Tarot Card Reading Classes. She evolved the most important trick of time calculation techniques which is generally used for timing predictions.

क्या विदेश से व्यापार करना लाभदायक है आपके लिए ?? 297 वर्ष बाद वैशाख पूर्णिमा पर बना बुधादित्य योग, इन कार्यों के लिए होगा शुभ. ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार 10 मई को आ रही वैसाख पूर्णिमा पर बुधादित्य योग बन रहा है।

297 वर्ष बाद वैशाख पूर्णिमा पर बना बुधादित्य योग, इन कार्यों के लिए होगा शुभ

इस योग को ज्योतिष में अति-दुर्लभ माना गया है। इस योग को दान-पुण्य, तीर्थ स्नान आदि के लिए श्रेष्ठ माना गया है। Tarot Gyan - Online Love Predictions Daily, Free Tarot Card Read — Online Astrology or Tarot Counseling Now you can... How to reduce ill Effects of Mangal Dosha. कामाख्या मन्दिर (Kamakhya Temple) - Tarot Gayn Official Blog. कामाख्या मंदिर असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से ८ किलोमीटर दूर कामाख्या मे है.कामाख्या से भी १० किलोमीटर दूर नीलाचल पव॑त पर स्थित हॅ ।

कामाख्या मन्दिर (Kamakhya Temple) - Tarot Gayn Official Blog

यह मंदिर शक्ति की देवी सती का मंदिर है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना है व इसका महत् तांत्रिक महत्व है। प्राचीन काल से सतयुगीन तीर्थ कामाख्या वर्तमान में तंत्र सिद्धि का सर्वोच्च स्थल है। नवरात्र में भूलकर भी न करें ये गलतियां - नवरात्र पूजा 2017. नवरात्र में भूलकर भी न करें ये गलतियां, अन्यथा बरसेगा मां दुर्गा का प्रकोप, नष्ट हो जाएगा पुण्य….

नवरात्र में भूलकर भी न करें ये गलतियां - नवरात्र पूजा 2017

शास्त्रों में ऐसे अनेक कार्यों का उल्लेख किया गया है जो व्रत – तीर्थों में करने से पूजन का पुण्य शीघ्र मिलता है। वहीं ऐसे कार्यों का भी जिक्र किया गया है जो उपवास के दौरान करने से पुण्य नष्ट हो जाता है। जानिए किस दिन होगी किस देवी की आराधना और घटस्थापना मुहूर्त. साल 2017 की चैत्र नवरात्र 28 मार्च से शुरू होगी।

जानिए किस दिन होगी किस देवी की आराधना और घटस्थापना मुहूर्त

इस पूजा की शुरुआत घटस्थापना से होगी, जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 08 बजकर 26 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक का है। नौ दिनों तक चलने इस पूजा में तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों आराधना की जाएगी। वैसे तो एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्र आते हैं, लेकिन इनमें से चैत्र और आश्विन नवरात्र सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। घर में न रखें ऐसी मुर्तियां देवी – देवताओं की मूर्तियां घर में रखने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है।

घर में न रखें ऐसी मुर्तियां

ये मूर्तियां चमत्कारी असर दिखाती हैं और पूजा करने वाले व्यक्ति के सभी दुख – दर्द दूर करती हैं और सुख – समृद्धि प्रदान करती है। मूर्तियों के संबंध में शास्त्रों में कुछ नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन करने पर भगवान की कृपा जल्दी मिलती है। Tarot Gyan - Online Love Predictions Daily, Free Tarot Card Read — Tips by Best Jyotish in Delhi for Good Business... 7 उपाय..... 7 दिन..... बना देंगे आपको करोड़पति - Tarotgyan. नक्षत्र से स्वभाव निर्धारण. 1.

नक्षत्र से स्वभाव निर्धारण

अश्विनी : बौद्धिक प्रगल्भता, संचालन शक्ति, चंचलता व चपलता इस जातक की विशेषता होती है। 2. भरणी : स्वार्थी वृत्ति, स्वकेंद्रित होना व स्वतंत्र निर्णय लेने में समर्थ न होना इस नक्षत्र के जातकों में दिखाई देता है। शास्त्रों में कहते हैं, अगर इस समय लेंगे नींद तो रोग और दुर्भाग्य नहीं छोड़ेंगे पीछा निद्रा हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है।

शास्त्रों में कहते हैं, अगर इस समय लेंगे नींद तो रोग और दुर्भाग्य नहीं छोड़ेंगे पीछा

दार्शनिक कहते हैं कि यह मृत्यु का सूक्ष्म रूप है, जिसके जरिए भगवान हमें यह याद दिलाते रहते हैं कि जाग्रत रहने का ही नाम जीवन नहीं है। इसके पार जाना भी जीवन है और वही जीवन का लक्ष्य भी है। इसके अलावा विभिन्न ग्रंथों में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि निद्रा लेने का सही समय क्या होता है। मृत्य... मौत... अंत !!! मृत्यु कैसी भी हो काल या अकाल, उसकी प्रक्रिया छह माह पूर्व ही शुरू हो जाती है।

मृत्य... मौत... अंत !!!

छह माह पहले ही मृत्यु को टाला जा सकता है, अंतिम तीन दिन पूर्व सिर्फ देवता या मनुष्य के पुण्य ही मृत्यु को टाल सकते हैं। मौत का अहसास व्यक्ति को छह माह पूर्व ही हो जाता है। विकसित होने में 9 माह, लेकिन मिटने में 6 माह यानि 3 माह कम। 23 फरवरी को हुआ है बच्चे का जन्म तो ऐसा होगा उसका भविष्य. बढ़ जाता है महादेव का क्रोध जब भक्त करते है ये फूल अर्पित. महादेव को खुश करने के लिए आप उन्हें भांग – धतूरा और कई तरह के फूल चढ़ाते होंगे।

बढ़ जाता है महादेव का क्रोध जब भक्त करते है ये फूल अर्पित

शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान शिव को सफेद रंग का फूल अतिप्रिय है, लेकिन सफेद रंग के सभी फूल भगवान शिव को सभी फूल महादेव को नहीं पसंद हैं। अगर आप अनजाने में यह फूल भगवान शिव को चढ़ा रहे हैं तो यह समझ लीजिए कि भगवान शिव आप पर प्रसन्न होने की बजाए नाराज भी हो सकते हैं, क्योंकि शिव पुराण में एक खास फूल को भगवान शिव की पूजा के लिए वर्जित बताया गया है।

इस फूल को भगवान शिव को अर्पित करने वाले पर भगवान शिव कृपा करने के बजाए नाराज हो जाते हैं इसलिए भूलकर भी सफेद रंग का एक खास सुगंधित फूल भगवान शिव को नहीं चढ़ाएं। न चढ़ाएं शिवलिंग पर ये चीजें, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल - महाशिवरात्रि 2017. रूद्राष्ट्क (Shiva Rudrashtakam) - Tarot Gyan. परम शिव भक्त कागभुशुण्डि ने जब अपने गुरू की अवहेलना की तो वे शिव के क्रोध-भाजन हुए।

रूद्राष्ट्क (Shiva Rudrashtakam) - Tarot Gyan

अपने शिष्य के लिए क्षमादान की अपेक्षा रखने वाले सहृदय गुरू ने रूद्राष्टक की रचना की तथा महादेव को प्रसन्न किया। सम्पुर्ण कथा रामचरितमानस के उत्तरकाण्ड में वर्णित है। शिवमयसोमवार - Tarot Gyan. श्री रामचरितमानस के उत्तर काण्ड में वर्णित इस रूद्राष्टक की कथा कुछ इस प्रकार है। कागभुशुण्डि परम शिव भक्त थे। वो शिव को परमेश्वर एवं अन्य देवों से अतुल्य जानते थे। आपके हस्ताक्षर आपका व्यक्तित्व. आपके हस्ताक्षर आपका व्यक्तित्व 1. जो लोग हस्ताक्षर में सिर्फ अपना नाम लिखते हैं, सरनेम नहीं लिखते हैं, वे खुद के सिद्धांतों पर काम करने वाले होते हैं। आमतौर पर ऐसे लोग किसी और की सलाह नहीं मानते हैं, ये लोग सुनते सबकी हैं, लेकिन करते करते अपने मन की हैं। 2. जो लोग जल्दी-जल्दी और अस्पष्ट हस्ताक्षर करते हैं, वे जीवन में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करते हैं। इनमें से 1 भी काम करने वाले का साथ छोड़ देती हैं, मां लक्ष्मी शास्त्रों में लक्ष्मीजी को सिर्फ धन की ही नहीं बल्कि सुख, शांति और प्रेम की देवी भी माना गया है।

जहां शांति, भाईचारा और प्रेम है वहां लक्ष्मीजी की जरूर कृपा होती है। हमारे आध्यात्मिक ग्रंथों में ऐसे कार्य वर्जित बताए गए हैं जिन्हें लक्ष्मीजी उचित नहीं मानतीं। जो व्यक्ति इनमें से कोई एक भी काम करते है, तो उसके घर का मां लक्ष्मी त्याग कर देती हैं। जो मनुष्य सुबह देर तक सोता है या सायंकाल को भी शयन करता है, उसके भाग्योदय के मार्ग में बाधाएं आती हैं मां लक्ष्मी उसका त्याग कर देती हैं।

जिस घर में रहने वाले लोग एक दूसरे का सम्मान नहीं करते, जहां आए दिन अपशब्दों का उपयोग किया जाता है, जहां झगड़े का माहौल होता है, मां लक्ष्मी उस स्थान का त्याग कर देती हैं। हो जाईए सावधान, एक माह में दूसरा पंचक, 29 से 2 फरवरी तक ना करें ये काम. साल के पहले ही महीने दो भयंकर पंचकों का योग बने हैं। जानकरों की मानें तो एक ही महीने में दो बार पंचक का आना किसी भी रूप में शुभ नहीं है। पहला पंचक सूर्य दक्षिणायन में था तब 2 जनवरी को यह पंचक शुरू हुआ और 6 जनवरी तक चला। इसके बाद यह पंचक तब पड़ेगा जब सूर्य उत्तरायन में होगा। 29 जनवरी को यह पंचक शुरू होकर 2 फरवरी तक रहेगा। इस बीच खास ध्यान रखने की जरूरत है। 26 से इन राशि वालों को शुरू होगी शनि की साढ़े साती और ढैय्या, करें ये उपाय. न्याय के देवता शनि देव अपनी शत्रु राशि वृश्चिक राशि से निकल कर, कल शाम 7.29 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही शनि दो राशियों को प्रभावित करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार शनि देव के राशि बदलते ही मकर राशि की साढ़ेसाती आरंभ हो जाएगी। वहीं तुला राशि के जातकों को साढ़ेसाती से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी।

जानिए पवित्र शंख के चमत्कारिक रहस्य. Tarot Gyan - Online Love Predictions Daily, Free Tarot Card Read — हिन्दू धर्म सम्बंधित विशेष ज्ञान पंचोपचार - गन्ध... यह मंत्र आपको निकाल सकता है सभी मुसीबतों से बाहर - TarotGyan. इस तपोवन की अद्भुत विशेषता जानकर हैरान रह जायेगें आप. प्राचीनकाल की महत्वपूर्ण पुस्तकें - Tarot Gyan Astrology Blog.